चासनाला में रफ्तार के ‘राक्षस’ ने छीना चार मासूमों के सिर से पिता का साया, हायवा से कुचलकर खलासी की दर्दनाक मौत हादसा या मर्डर, उठे गंभीर सवाल

चासनाला में रफ्तार के ‘राक्षस’ ने छीना चार मासूमों के सिर से पिता का साया, हायवा से कुचलकर खलासी की दर्दनाक मौत हादसा या मर्डर, उठे गंभीर सवाल

चासनाला।‌पाथरडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत चासनाला सेल रेलवे साइडिंग के पास देर रात जीटीएस कंपनी के खलासी शंकर मल्लिक 40 वर्ष की बेकाबू हायवा JH10 AA 7613 से कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई।

घटना सोमवार, 17 अगस्त की रात की है, लेकिन शव की भनक ग्रामीणों को मंगलवार सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच लगी। मृतक चासनाला मल्लिक बस्ती निवासी स्व. हरू मल्लिक के पुत्र थे।

चार मासूम अनाथ, बिलखती पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

शंकर मल्लिक घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। वे अपने पीछे पत्नी जोग देवी तीन नाबालिग बेटियों लोखी सुहानी मनोनी और एक छोटे बेटे राकेश को छोड़ गए हैं। चार-चार मासूमों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

एक्सीडेंट या मर्डर निष्पक्ष जांच होगी या महज खानापूर्ति

इस घटना को लेकर स्थानीय मल्लिक बस्ती के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यह महज एक सड़क दुर्घटना है या इसके पीछे कोई साजिश यानी मर्डर है फिलहाल यह पूरा मामला गहन जांच का विषय बना हुआ है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाता है, या फिर हर बार की तरह महज कागजी खानापूर्ति कर केस को ठंडे बस्ते में बंद कर दिया जाएगा? स्थानीय लोगों के मन में यह आशंका भी गहरा रही है कि कहीं इस गंभीर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का सौदा न हो जाए। आक्रोशित ग्रामीणों ने मीडिया के समक्ष अपनी भड़ास निकालते हुए पीड़ित परिवार के लिए न्याय और भारी मुआवजे की मांग की है। पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन में जुटी है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000